तीन पत्ती खेल के नियम (3 Patti Rules) जानना इसलिए जरूरी है क्योंकि यह एक लोकप्रिय कार्ड गेम है जिसमें सही नियम समझकर ही जीतने की संभावना बढ़ती है। तभी आप इस खेल पर अपनी पकड़ मजबूत बना सकते हैं। ये एक आसान गेम है जिसे खेलना तब और आसान हो जाता है जब आप इसके नियम जान कर इसे खेलना शुरू करते हैं। तीन पत्ती को फ्लैश के रूप में जाना जाता है। देखा जाए तो इस गेम की शुरुआत भारत में ही हुई लेकिन समय के साथ-साथ दक्षिण पूर्व एशिया में भारत से ज्यादा लोकप्रिय हो गया।
इस गेम का जन्मदाता भारत ही रहा है इस लिए इसे भारत में भी खूब खेला और पसंद किया जाता रहा है। इसे कई कैसिनो में भी खेला जाता है। आज के समय में जब से ये ऑनलाइन खेला जाने लगा हैए तब से इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ती जा रही है।
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तीन पत्ती क्या है?
तीन पत्ती एक बहुत ही लोकप्रिय ताश का खेल है, जिसे भारत में बड़े चाव से खेला जाता है। इस खेल को अंग्रेज़ी में Flash भी कहा जाता है। तीन पत्ती में 52 पत्तों की एक सामान्य गड्डी का उपयोग होता है और हर खिलाड़ी को तीन-तीन पत्ते दिए जाते हैं। इस खेल का मुख्य उद्देश्य अपने तीन पत्तों का सबसे अच्छा संयोजन बनाकर बाकी खिलाड़ियों को हराना होता है।
तीन पत्ती में 4 से 7 खिलाड़ी एक साथ खेल सकते हैं। खेल की शुरुआत दांव लगाने से होती है और खिलाड़ी अपनी बारी आने पर बेट लगाते हैं या फोल्ड करते हैं। खिलाड़ी चाहें तो बिना कार्ड देखे (ब्लाइंड) भी खेल सकते हैं। जब दो खिलाड़ी अंत तक टिके रहते हैं, तब “शो” होता है और जिसके पत्तों की रैंक ज्यादा होती है, वही पॉट जीतता है।
तीन पत्ती खेल के नियम | कैसे खेलें तीन पत्ती
1: तीन पत्ती खेल के नियम सट्टेबाजी के दौरान भी काफी आसान है।
2: तीन पत्ती के इस खेल में सबसे पहले डीलर के बाईं और बैठा खिलाड़ी बेट लगाना शुरू करता है या ये कहे की सबसे पहले वही बेट लगाता है।
3: तुरंत बाद बाकी के खिलाड़ी टेबल के चारो तरफ क्लॉकवाइज़ (दक्षिणावर्त) क्रम में बेट लगाते हैं।
4: आप इस गेम में बना रहना चाहते हैं तो जीतने के बाद तीन पत्ती चिप्स पर दांव लगाना होगा।
5: जिन खिलाड़ियों ने अपने कार्ड देख लिए हैं,उन्हें ब्लाइंड खिलाड़ियों की तुलना में दोगुना दांव लगाना होगा।
6: आप यदि ब्लाइंड खेल रहे हैं,तो आपकी कोशिश ये रहनी चाहिए की आप कम से कम वर्तमान हिस्सेदारी पर दांव लगाए।
ये कुछ ऐसी महत्वपूर्ण बाते है जिसे खेलते समय आपको ध्यान में रख कर खेलना होगा ताकि आप इस गेम में कही भी अपने आप को कमजोर ना समझे। आप अगर इस गेम में नय है तो आपके लिए ये कारगर साबित हो सकता है।
तीन पत्ती कैसे खेलें?
तीन पत्ती कैसे आसानी से आप खेल सकते हैं, उन सब की पूरी जानकारी आप यहाँ स्टेप टू स्टेप समझ सकते हैं :
स्टेप 1: तीन पत्ती खेलने के लिए 52 पत्तों की एक सामान्य गड्डी ली जाती है। इसमें 4 से 7 खिलाड़ी खेल सकते हैं।
स्टेप 2: खेल शुरू होने से पहले सभी खिलाड़ी टेबल पर तय शुरुआती दांव (Boot Amount) लगाते हैं।
स्टेप 3: डीलर हर खिलाड़ी को एक-एक करके तीन पत्ते उल्टे (Face Down) देता है।
स्टेप 4: डीलर के बाईं ओर बैठा खिलाड़ी सबसे पहले चाल चलता है। वह दांव लगा सकता है या खेल छोड़ सकता है।
स्टेप 5: खिलाड़ी चाहें तो बिना पत्ते देखे (ब्लाइंड) या पत्ते देखकर (चाल) खेल सकते हैं। चाल खेलने वाले को ज्यादा दांव लगाना होता है।
स्टेप 6: खेल क्लॉकवाइज चलता है। खिलाड़ी दांव बढ़ाते हैं या फोल्ड करते हैं।
स्टेप 7: जब दो खिलाड़ी बचे रहते हैं, तब “शो” होता है। जिसके पत्तों का कॉम्बिनेशन सबसे अच्छा होता है, वही पॉट जीत जाता है।
तीन पत्ती में बेटिंग के नियम
तीन पत्ती खेल में बेटिंग यानी दांव लगाने के नियम बहुत आसान होते हैं। खेल शुरू होने से पहले सभी खिलाड़ी टेबल पर एक तय शुरुआती रकम लगाते हैं, जिसे बूट अमाउंट कहा जाता है। इसके बाद डीलर के बाईं ओर बैठा खिलाड़ी सबसे पहले दांव लगाता है।
खेल में बेटिंग क्लॉकवाइज यानी बाईं से दाईं ओर चलती है। खिलाड़ी अपनी बारी पर तीन काम कर सकते हैं – दांव लगाना, दांव बढ़ाना या खेल छोड़ देना (फोल्ड)। अगर कोई खिलाड़ी बिना पत्ते देखे खेलता है तो उसे ब्लाइंड कहा जाता है और वह कम रकम का दांव लगा सकता है।
जो खिलाड़ी अपने पत्ते देख लेता है, उसे चाल खिलाड़ी कहते हैं और उसे ब्लाइंड खिलाड़ी से दोगुना दांव लगाना होता है।
बेटिंग तब तक चलती रहती है जब तक खिलाड़ी फोल्ड न कर दें या दो खिलाड़ी बचे रहकर शो न करें। अंत में जीतने वाला खिलाड़ी पूरा पॉट अपने नाम कर लेता है।
तीन पत्ती में शो के नियम
- दो खिलाड़ियों ने अपने कार्ड अगर फोल्ड नहीं किये हैं तब तक एक शो नही शुरू हो सकता है।
- जिस भी खिलाड़ी का हैंड उच्च रैंकिंग वाला होता है,वो आसानी से पॉट जीत जाता है।
- वही अगर हैंड बराबर है तो जो शो के लिए अनुरोध करने वाला होता है,उसे हारा हुआ माना जाता है।
एक शो के लिए बताए गए नियम को अगर आप ध्यान में रख कर अपने गेम को आगे बढ़ाते हैं तो निश्चित तौर पे आप गेम में अपनी पकड़ मजबूत करते चले जायेंगे। और अंत में जीत आपके कदमो में होगी।
तीन पत्ती में कार्डों की रैंकिंग
तीन पत्ती में जीत हार का फैसला कार्डों की रैंकिंग से होता है। जिस खिलाड़ी के कार्डों का कॉम्बिनेशन सबसे मजबूत होता है, वही जीतता है। सबसे ऊपर ट्रेल (तीन एक जैसे कार्ड) होती है, जैसे AAA या KKK। इसके बाद प्योर सीक्वेंस आता है, जैसे एक ही रंग के 3-4-5। तीसरे नंबर पर सीक्वेंस होती है, जैसे अलग रंग के 4-5-6।
इसके बाद कलर आता है, जिसमें तीनों कार्ड एक ही रंग के होते हैं। फिर पेयर, यानी दो कार्ड एक जैसे और एक अलग। सबसे नीचे हाई कार्ड होता है, जिसमें कोई जोड़ी या क्रम नहीं बनता।
तीन पत्ती खेलते समय ध्यान रखने वाली बातें
तीन पत्ती खेलते समय सबसे पहले अपने बजट का ध्यान रखें और जरूरत से ज्यादा दांव न लगाएं। अगर आप नए खिलाड़ी हैं, तो शुरुआत में ब्लाइंड खेलना बेहतर रहता है क्योंकि इसमें जोखिम कम होता है। अपने पत्ते देखने के बाद सोच-समझकर ही दांव बढ़ाएं। हर हाथ पर बेट लगाना जरूरी नहीं, कमजोर कार्ड हों तो फोल्ड करना समझदारी है।
टेबल पर दूसरे खिलाड़ियों की चाल और बेटिंग पैटर्न पर ध्यान दें, इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि उनके पास कैसे पत्ते हो सकते हैं। जल्दबाजी या गुस्से में फैसले न लें। हमेशा धैर्य रखें और सही मौके पर ही शो करें। यही आदतें आपको बेहतर खिलाड़ी बना सकती हैं।
अंतिम विचार
इतना सब कुछ जानने के बाद उम्मीद करते है आप इस गेम में अपनी पकड़ मजबूत कर पाएंगे। फिर भी अगर आपकी जानकारी अधूरी लगती हो तो आप Yolo247 (योलो247) से ढेरों जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही साथ अगर आप गेम खेलना चाहते है तो आपके लिए Yolo247 (योलो247) सबसे ज्यादा उपयोगी साबित हो सकता है।
सामान्य प्रश्न :
तीन पत्ती में कितने पत्तों की गड्डी होती है?
तीन पत्ती में 52 पत्तों की एक सामान्य गड्डी का उपयोग होता है।
तीन पत्ती में कितने खिलाड़ी खेल सकते हैं?
तीन पत्ती में 4 से 7 खिलाड़ी एक साथ खेल सकते हैं।
तीन पत्ती खेल की शुरुआत कैसे होती है?
खेल की शुरुआत सभी खिलाड़ियों द्वारा बूट अमाउंट लगाने से होती है।
ब्लाइंड खिलाड़ी किसे कहते हैं?
जो खिलाड़ी बिना पत्ते देखे दांव लगाता है, उसे ब्लाइंड खिलाड़ी कहते हैं।
चाल खिलाड़ी को कितना दांव लगाना होता है?
चाल खिलाड़ी को ब्लाइंड खिलाड़ी से दोगुना दांव लगाना होता है।